वो बी गया ओर ये बी.
एक बार एक सिंघ को एक क्ष के निचे ससा घेहरि निंद मे दिखा. सिंघ उस्को शिकार
बनाने के विचार मे था, तभी
उस्को एक हीरण दिखा. सिंघ ससा को छोड के उस हिरण के पिछे दौडा, बहोत दौडने कि कोशिश करने के बाद भि उस्के हाथ हिरण नही लगा. लगा. फिर
सिंघ ससे को अपना शिकार बनाने के लिये उस व<<<क्ष के निचे गया तो वह
ससा बि उनकी आवाज से बाग गया था. सिंघ दु:खि ओर भुखा पेट लेकर रोता हुआ चला गया.
(अर्थ: जिसे जित्ना
मिले उसे उत्ने मे हि बला है.)


1 Comments
Best story am🤩🤗azing
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